महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्यौहार है । हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार फागुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है । हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का तो महत्व माना ही जाता है लेकिन प्रत्येक माह पढ़ने वाली शिवरात्रि भी बहुत महत्व रखती है मासिक शिवरात्रि को बहुत कम लोग ही जानते हैं हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत करने और पूजन करने से घर में सुख समृद्धि आती है और भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं । शिवरात्रि का त्यौहार शिव और शक्ति के मिलन का एक महान पर्व है । तो अब हम बात करते हैं महाशिवरात्रि के बारे में जो वर्ष में एक बार आता है । महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा की जाती है और इस दिन पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं, अगर किसी कन्या का विवाह में देरी हो रही हो और उसकी शादी में किसी भी प्रकार की अड़चन पैदा हो रही हो तो उसे महाशिवरात्रि की व्रत पूजा करनी चाहिए । महाशिवरात्रि को व्रत पूजा करने से भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उससे मनचाहा वर प्राप्त होता है तथा घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है । इस दिन कई शुभ योग बन रहे है ।
पूजा मुहूर्त का समय -
इस साल महाशिवरात्रि एक 11 मार्च 2021 दिन बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा और निशिता काल अर्थात पूजा मुहूर्त 11 मार्च 2021 दिन बृहस्पतिवार की रात 12:06 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा मतलब की पूजा मुहूर्त का समय केवल 48 मिनट का होगा तथा शिवरात्रि का व्रत पारण समय 12 मार्च 2021 दिन शुक्रवार की सुबह 6:34 से लेकर अपराहन 3:02 तक का है ।
महाशिवरात्रि की पूजन विधि -
महाशिवरात्रि के दिन प्रातः काल नित्य कार्य करके तथा स्नान आदि करके भोलेनाथ का ध्यान करके व्रत का संकल्प करना चाहिए । इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए । महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के प्रतिक शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, आंक, फूल और अछत आदि से सिंगार करना चाहिए । इस दिन शिव पुराण और महामृत्युंजय मंत्र की जाप करना चाहिए और पूजा समिति के बाद भगवान शिवजी की आरती करनी चाहिए और अंत में भगवान भोलेनाथ के सम्मुख खड़े होकर उनसे विनती करना चाहिए कि हे भोलेनाथ अगर आपके व्रत पूजा में किसी प्रकार की कोई त्रुटि हो गई हो तो मुझे क्षमा करिएगा ।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से अशुभ ग्रह शांत हो जाते हैं और कालसर्प का दोष भी समाप्त हो जाता है । महाशिवरात्रि की पौराणिक कथा की बात कही जाए तो यह कहा जाता है कि माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी उसके पश्चात फागुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था।
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